kabir is supreme god
कबीर साहेब सारी सृष्टि की रचना हार है
परमेश्वर कबीर साहेब सारी सृष्टि के रचनाकार हैं और यह काशी में लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर सतलोक से आकर सहशरीर प्रकट हुए थे उस समय अष्टा आनंद जी वहां सुबह के 4:00 बजे ध्यान कर रहे थे तब उनको प्रकाश का एक गोला दिखाई दिया और वह प्रकाश एक कोने में कमल के फूल पर सिमट गया और वह कबीर साहेब थे फिर थोड़ी देर के बाद नीरू नीमा वहां स्नान करने आए तब उनको परमात्मा कमल के फूल पर दिखाई दिए और वह नीरू नीमा कबीर साहेब को अपने घर ले आए तब परमात्मा ने 25 दिन तक कुछ न खाया न पिया तब नीमा चिंतित हो गई फिर उनकी चिंता को देखकर परमात्मा ने शंकर भगवान को प्रेरणा करेगी वह साधु रूप में आकर नीरू नीमा से कहे कि वह कुुुुुुवारी गायों का दूध पिएंगे फिर परमात्मा की परवरिश की लीलाा कुवारी गााय के दुध से हुई थी और वह 5 साल की उम्र से ही सबको सच्ची भक्ति बताने लग गए थे शास्त्रों के अनुसार और उन्होंने 5 साल की उम्र में ही रामानंद जी से ज्ञान चर्चा करके उन्हें हरा दिया था परमात्मा ने रामानंद जी को सतलोक दिखाया तब जाकर रामानंद जी को विश्वास हुआ कि यही पूर्ण परमात्मा है रामानंद जी ने कहा था कि आप तो सारी सृष्टि की रचना हार है मैं आपको अपना शिष्य कैसे बना सकता हूं तब परमात्मा ने कहा था कि भक्ति की मर्यादा बनाए रखने के लिए आप मेरे गुरु बन कर रही है कबीर साहेब के बारे में पूरी जानकारी पाने के लिए 5 जून को सुबह 9:00 बजे से 12:00 तक जरूर देखें
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